मेरठ में अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला, 547 दिन बाद सुनाई गई सजा; दोषियों ने बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता का हवाला देकर मांगी राहत
मेरठ। पति की हत्या कर मौत को सांप के काटने का रूप देने की साजिश रचने के मामले में मेरठ की अदालत ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। पति अमित कश्यप की हत्या के इस मामले में करीब 547 दिन बाद फैसला आया। सजा सुनाए जाने से पहले अदालत ने दोनों दोषियों को अपनी बात रखने का अवसर दिया। इस दौरान रविता ने अपने तीन छोटे बच्चों के भविष्य की चिंता जताई, जबकि अमरदीप ने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल का हवाला दिया। हालांकि, अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोनों को मृत्युदंड सुनाया।मामला 17 अप्रैल 2025 की रात का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित कश्यप की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के लिए शव को बिस्तर पर रखकर सांप छोड़ दिया गया था। पुलिस ने मामले की जांच कर साक्ष्य जुटाए और करीब 60 दिन बाद आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सात अक्टूबर को अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी करार दिया था। शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद दोनों को फांसी की सजा सुनाई गई।सजा सुनाने से पहले न्यायाधीश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों दोषियों की बात सुनी। अदालत ने उनसे पूछा कि दोषी ठहराए जाने के बाद वे सजा के संबंध में क्या कहना चाहते हैं। इस पर रविता ने अपने तीन छोटे बच्चों का जिक्र करते हुए कहा कि उनका ख्याल रखा जाए। इतना कहने के बाद वह चुप हो गई। वहीं, अमरदीप ने अपने बुजुर्ग माता-पिता का हवाला देते हुए कहा कि उनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है और उनकी देखभाल में कमी नहीं रहनी चाहिए। अपनी बात रखते हुए दोनों भावुक हो गए और रोने लगे।फैसले के दौरान अदालत ने अपराध की गंभीरता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी की जान लेना ही गंभीर अपराध नहीं है, बल्कि पवित्र रिश्तों और सात वचनों को तोड़ना भी गंभीर अपराध है। अदालत ने वैवाहिक जीवन में विश्वास और जिम्मेदारी के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि पति-पत्नी का रिश्ता आपसी भरोसे पर टिका होता है। इस मामले में पति की हत्या की साजिश को अदालत ने अत्यंत गंभीर मानते हुए कठोरतम सजा सुनाई।मामले में पुलिस ने हत्या के करीब 60 दिन बाद आरोपपत्र दाखिल किया था। इसके बाद अदालत में सुनवाई चली। रिपोर्ट के अनुसार, मुकदमे में 87 तारीखें पड़ीं और 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को दोषी माना। शुक्रवार को सजा सुनाए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया।मेरठ में हाल के दिनों में हत्या के चर्चित मामलों में कड़े फैसले सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अक्टूबर को नीले ड्रम में महिला का शव मिलने के मामले में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को भी फांसी की सजा सुनाई गई थी।