बिजनौर। नजीबाबाद में नेपाल निवासी युवक की हत्या कर नकदी लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने लूट की घटना को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की थी। पुलिस ने उनके कब्जे से 75 हजार रुपये बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों की मुलाकात मृतक से कोटद्वार में हुई थी। इसके बाद उन्होंने उसके पास रखी नकदी देखकर लूट की योजना बनाई थी।घटना 25 अक्टूबर की सुबह करीब 3 बजे की है। ग्राम सरनकपुर के पास हाईवे पर एक व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा मिला था। पुलिस ने उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से चोट लगने और अधिक खून बहने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई।मृतक की पहचान नेपाल के कालिकोट जिले के गांव सिंधुक निवासी अशोक बहादुर शाही (45) के रूप में हुई। 28 अक्टूबर को परिजनों ने शव की पहचान की। जांच में पता चला कि मृतक के पास करीब 1.55 लाख रुपये और अन्य सामान था, जो घटना के बाद गायब मिला। इसके बाद पुलिस ने हत्या और लूट का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की पहचान कर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें नेपाल निवासी रोशन बहादुर, कमल सिंह और नजीबाबाद क्षेत्र के गांव कुतुबपुर निवासी करण बहादुर शाही शामिल हैं।पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी मुलाकात मृतक से कोटद्वार में हुई थी। धीरे-धीरे जान-पहचान बढ़ी और वे साथ घूमने-फिरने तथा शराब पीने लगे। इसी दौरान उन्हें अशोक बहादुर के पास नकदी होने की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने रुपये लूटने की योजना बनाई। आरोप है कि वारदात के दौरान मृतक को हाईवे पर अज्ञात वाहन के सामने धक्का दिया और उसके पास मौजूद रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए।पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लूटी गई रकम में से 50 हजार रुपये आपस में बांटकर घर भेज दिए, जबकि 30 हजार रुपये खर्च कर दिए। शेष 75 हजार रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। आरोपी पुलिस से बचने के लिए नेपाल भागने की फिराक में थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।इस मामले में पुलिस की जांच ने उस वारदात की परतें खोल दीं, जिसे शुरुआत में सड़क हादसा समझा जा रहा था। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची और हत्या के साथ लूट की साजिश का खुलासा किया।