शामली। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होने से अल्ट्रासाउंड जांच व्यवस्था चरमरा गई है। पिछले करीब एक सप्ताह से जांच बंद होने के कारण अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं मिलने से मरीजों को निजी सेंटरों पर महंगे दामों में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।दरअसल, मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. भुवनवीर सिंह और डॉ. विनीत कौशिक को सप्ताह में तीन-तीन दिन के लिए शामली जिला अस्पताल से संबद्ध किया गया था। इससे वहां अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिल रही थी। लेकिन पिछले सप्ताह डॉ. भुवनवीर सिंह को मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल का मुख्य चिकित्सा अधीक्षक नियुक्त कर दिया गया, जबकि डॉ. विनीत कौशिक के संबद्धीकरण का आदेश निरस्त हो गया। इसके बाद शामली अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था समाप्त हो गई और जांच का काम बंद पड़ गया।सोमवार को भी अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचे मरीजों को बिना जांच कराए लौटना पड़ा। सरकारी अस्पताल में सुविधा ठप होने से मरीजों को निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर जरूरतमंद मरीजों के लिए निजी सेंटरों पर जांच कराना अतिरिक्त बोझ बन गया है।जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार अखौरी ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट की उपलब्धता नहीं होने के कारण अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पा रही है। इस समस्या से अपर निदेशक स्वास्थ्य, सहारनपुर को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है। रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति होने के बाद ही अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच दोबारा शुरू हो सकेगी।