कानपुर। दीपावली के दिन एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। पनकी पड़ाव इलाके में एक पुराने मकान की छत गिरने से तीन लोगों की जान चली गई। मरने वालों में बुजुर्ग महिला, उनकी बहू और महज 20 दिन का नवजात बच्चा शामिल है। हादसे में परिवार का एक अन्य सदस्य घायल हो गया।बताया गया कि रविवार सुबह परिवार के लोग घर में मौजूद थे। इसी दौरान अचानक मकान की छत भरभराकर गिर गई। छत का मलबा और उसमें लगी बल्लियां नीचे सो रहे परिवार के लोगों पर जा गिरीं। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकालने में जुट गए।हादसे में 60 वर्षीय विनोदिनी शुक्ला, उनकी बहू अक्षिका और 20 दिन के मासूम आरव की मौत हो गई, जबकि हर्ष घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि छत गिरते समय अक्षिका ने अपने नवजात बेटे को बचाने के लिए उसे सीने से लगा लिया था। मलबा हटने पर बच्चा मां के नीचे दबा मिला। मां ने बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन दोनों की जान नहीं बच सकी।घटना की जानकारी मिलने पर विधायक सुरेंद्र मैथानी और डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई। डीसीपी ने बताया कि शुरुआती जांच में पानी के रिसाव से छत पर वजन बढ़ने की आशंका सामने आई है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।