मुजफ्फरनगर। दीपावली पर आतिशबाजी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही कमर कस ली है। जिले के सरकारी अस्पतालों में आग से झुलसने वाले मरीजों के उपचार के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल में 10 बेड सुरक्षित रखे गए हैं, जबकि प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चार बेड की व्यवस्था की गई है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने जिला अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि दीपावली के दौरान आपात स्थिति में मरीजों को उपचार के लिए इंतजार न करना पड़े। अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता के साथ जरूरी दवाइयां और उपचार सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में रखी जाए।निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भुजवीर सिंह भी मौजूद रहे। सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।सीएमओ ने लोगों से अपील की कि दीपावली पर खुशियां मनाते समय सुरक्षा का ध्यान जरूर रखें। बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें और आतिशबाजी खुले स्थान पर ही करें। पटाखों से जलने पर प्रभावित हिस्से को तुरंत ठंडे बहते पानी से धोएं। उस पर तेल, घी, बर्फ या टूथपेस्ट न लगाएं। गंभीर रूप से झुलसने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें।उन्होंने धुएं और तेज आवाज वाले पटाखों से बचने, सांस के मरीजों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा मिठाइयों की गुणवत्ता और खानपान में सावधानी बरतने की सलाह दी। स्वास्थ्य विभाग ने भरोसा दिलाया कि दीपावली के दौरान जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं सक्रिय रहेंगी।