मुजफ्फरनगर। जनपद में प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को मोबाइल आधारित पढ़ाई से दूर रखने के लिए प्रशासन ने अहम फैसला लिया है। अब कक्षा-5 तक के बच्चों को व्हाट्सऐप या अन्य डिजिटल माध्यम से होमवर्क अथवा असाइनमेंट भेजने पर पूरी तरह रोक रहेगी। आदेश का पालन सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को करना होगा।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संजय कुमार सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि छोटे बच्चों को मोबाइल पर पढ़ाई का कार्य देना उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए उचित नहीं है। विद्यालयों को स्पष्ट किया गया है कि गृहकार्य केवल कॉपी-किताब के माध्यम से दिया जाए और कक्षा में ही बच्चों को समझाकर सौंपा जाए।
प्रशासन का मानना है कि कम उम्र में अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों की आंखों, एकाग्रता और व्यवहार पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। हाल के महीनों में बच्चों में मोबाइल गेम्स की लत और सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई गई थी। इसी पृष्ठभूमि में यह कदम उठाया गया है, ताकि प्राथमिक स्तर के छात्र पारंपरिक पद्धति से अध्ययन कर सकें।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन न दें और पढ़ाई के लिए स्कूल की निर्धारित व्यवस्था का ही पालन करें। यदि किसी विद्यालय द्वारा आदेश की अवहेलना की जाती है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
इस निर्णय के बाद शिक्षकों और अभिभावकों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। शिक्षा विभाग का कहना है कि उद्देश्य बच्चों को तकनीक से दूर करना नहीं, बल्कि उनकी उम्र के अनुरूप संतुलित और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

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