कानपुर। महानगर में बीते दिनों हुई 24 लाख रुपये की लूट की वारदात ने जांच के दौरान ऐसा मोड़ लिया कि मामला एक बड़े हवाला नेटवर्क तक जा पहुंचा। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश की गई है।
घटना 16 फरवरी को श्यामनगर थाना क्षेत्र में हुई थी। दो कैश कैरियर बैंक से नकदी लेकर जा रहे थे, तभी बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोककर बैग लूट लिया। शुरुआत में पीड़ितों के बयानों में रकम को लेकर विरोधाभास सामने आया। कभी 25 लाख, कभी 12 लाख और बाद में 24 लाख रुपये की बात कही गई। इसी असंगति ने पुलिस को मामले की तह तक जाने के लिए प्रेरित किया।
जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित खातों और लेनदेन की पड़ताल की। सामने आया कि शहर के एक चमड़ा कारोबारी महफूज और उससे जुड़े लोगों के कई बैंक खातों से पिछले ढाई वर्षों में भारी मात्रा में नकदी निकाली गई है। आंकड़ों के अनुसार 12 अलग-अलग बैंकों में संचालित करीब 68 खातों से लगभग 1600 करोड़ रुपये की नकद निकासी दर्ज पाई गई। इनमें से कुछ खातों से सैकड़ों करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ, जो सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों से कहीं अधिक है।
पुलिस ने इस सिलसिले में अब्दुल रहमान, शुभान खान, लारेब सिद्दीकी, मो. जीशान समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो आरोपी—यासीन और मुजाहिद—मुठभेड़ के बाद पकड़े गए, जिनके पैरों में गोली लगने की पुष्टि हुई है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से करीब 11 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। मुख्य सरगना अभी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि इतनी बड़ी नकदी निकासी और संदिग्ध लेनदेन की जांच के लिए आयकर विभाग, जीएसटी विभाग तथा ईडी को पत्र भेजा जा रहा है। बैंकिंग नियमों के तहत बड़ी रकम की निकासी पर संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट (STR) बनना अनिवार्य होता है, जिसकी भी जांच की जाएगी।
फिलहाल कानपुर पुलिस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। एक साधारण लूट की घटना से शुरू हुई जांच अब राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों तक पहुंचने की कगार पर है। आने वाले दिनों में इस हवाला कनेक्शन के और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
