वॉशिंगटन/तेल अवीव/तेहरान/रियाद। पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए क्षेत्र के 15 देशों में रह रहे अपने नागरिकों को “तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने या स्वदेश लौटने” की सख्त सलाह जारी की है। अमेरिकी विदेश विभाग की इस चेतावनी ने संकेत दे दिए हैं कि क्षेत्रीय टकराव सीमित दायरे से निकलकर व्यापक संघर्ष का रूप ले सकता है।
अमेरिका की यह एडवाइजरी विशेष रूप से ईरान, इराक, इज़राइल, जॉर्डन, लेबनान, सीरिया, सऊदी अरब, कुवैत, क़तर, ओमान, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, यमन, मिस्र तथा फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर लागू की गई है।
विदेश विभाग ने अपने बयान में स्पष्ट कहा है कि “सुरक्षा स्थिति अस्थिर और तेजी से बदल रही है, इसलिए नागरिक उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों से तत्काल प्रस्थान करें।
संघर्ष की पृष्ठभूमि: कैसे बढ़ा तनाव?
पिछले कुछ दिनों में पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियां असामान्य रूप से तेज हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार:
इज़राइल और ईरान के बीच परोक्ष हमलों का दायरा बढ़ा है।
खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल गतिविधि की घटनाएं सामने आई हैं।
कुछ स्थानों पर विदेशी दूतावासों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
तेहरान में सरकारी सूत्रों ने कहा कि यदि उनकी संप्रभुता पर हमला हुआ तो “करारा जवाब” दिया जाएगा। वहीं तेल अवीव की ओर से भी सुरक्षा तैयारियों को उच्चतम स्तर पर पहुंचाने की पुष्टि की गई है।
दूतावासों की आपात तैयारी
वॉशिंगटन स्थित विदेश मंत्रालय ने 24×7 निगरानी के लिए विशेष समन्वय कक्ष सक्रिय किया है। रियाद, तेल अवीव, अबू धाबी और बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावासों को आपातकालीन निकासी योजनाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नागरिकों से कहा गया है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों, सार्वजनिक आयोजनों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों से दूर रहें। जिन लोगों के पास तुरंत निकलने की व्यवस्था नहीं है, उन्हें स्थानीय प्रशासन और दूतावास से संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय असर: तेल, उड़ानें और बाजार
पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का केंद्र माना जाता है। तनाव बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने क्षेत्रीय हवाई मार्गों में बदलाव या अस्थायी निलंबन की घोषणा की है।
यूरोप और एशिया के कुछ देशों ने भी अपने नागरिकों के लिए सतर्कता एडवाइजरी जारी की है। संयुक्त राष्ट्र के कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि पर्दे के पीछे तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन जमीनी हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
क्या व्यापक युद्ध की आशंका?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रत्यक्ष सैन्य टकराव हुआ तो यह संघर्ष सीमित नहीं रहेगा। क्षेत्र में पहले से मौजूद कई सशस्त्र गुट और अंतरराष्ट्रीय शक्तियां इसमें खिंच सकती हैं। यही वजह है कि अमेरिकी प्रशासन ने एहतियातन अपने नागरिकों को पहले ही चेतावनी दे दी है।
