मुजफ्फरनगर के सदर ब्लॉक के पांच परिषदीय विद्यालयों का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण किया। इस दौरान कई विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष उपस्थिति कम मिली। विद्यालयों की शैक्षिक और भौतिक व्यवस्थाएं अधिकांश स्थानों पर संतोषजनक पाई गईं, जबकि दो विद्यालयों में ग्राम प्रधान की ओर से दूध उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण बच्चों को दूध वितरित नहीं होने की जानकारी सामने आई।प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद में 139 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष 95 बच्चे उपस्थित मिले। उपस्थिति पंजिका के अनुसार श्री सीमान्त सत्य सहायक अध्यापक चिकित्सा अवकाश और श्रीमती अलका सहायक अध्यापक आकस्मिक अवकाश पर थीं। अन्य स्टाफ विद्यालय में उपस्थित मिला। विद्यालय में शौचालय और पेयजल की व्यवस्था चालू हालत में मिली। अधिकांश बच्चे निर्धारित वेशभूषा में थे और मध्यान्ह भोजन के तहत तहरी व दूध की व्यवस्था की जा रही थी। विद्यालय की शैक्षिक एवं भौतिक स्थिति संतोषजनक मिली। बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए शिक्षकों को अभिभावकों से घर-घर संपर्क करने के निर्देश दिए गए।प्राथमिक विद्यालय पचेन्डा कला-2 में 96 पंजीकृत बच्चों में से 60 बच्चे उपस्थित मिले। शिक्षामित्र श्रीमती अंजू आकस्मिक अवकाश पर थीं, जबकि अन्य स्टाफ मौजूद मिला। विद्यालय की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। बच्चों की वेशभूषा आंशिक रूप से निर्धारित थी। सभी बच्चों की नियमित रूप से निर्धारित वेशभूषा में विद्यालय आने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।विद्यालय में मध्यान्ह भोजन निर्धारित मेनू के अनुसार तैयार किया जा रहा था। प्रभारी शिक्षक ने बताया कि बच्चों को दूध वितरित नहीं किया गया, क्योंकि ग्राम प्रधान की ओर से दूध उपलब्ध नहीं कराया गया था। भोजन की लागत और खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिला। शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी चालू हालत में मिली।प्राथमिक विद्यालय पचेन्दा कलां-1 में सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। यहां 71 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष 50 बच्चे विद्यालय में मौजूद थे। शौचालय, हैंडपंप और पानी की मोटर चालू हालत में मिले। अधिकांश बच्चे निर्धारित वेशभूषा में थे। विद्यालय की शैक्षिक और भौतिक स्थिति संतोषजनक मिली। मध्यान्ह भोजन निर्धारित मेनू के अनुसार तैयार किया जा रहा था। प्रभारी शिक्षक ने बताया कि ग्राम प्रधान की ओर से दूध उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण बच्चों को दूध नहीं दिया गया। खाद्यान्न और भोजन की लागत पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थी।कंपोजिट विद्यालय मेघाखेड़ी में 314 पंजीकृत बच्चों में से 170 बच्चे उपस्थित मिले। निरीक्षण के समय पूरा स्टाफ मौजूद था। मध्यान्ह भोजन निर्धारित मेनू के अनुसार बनाया जा रहा था। शौचालय और पेयजल की व्यवस्था चालू मिली। अधिकांश बच्चे निर्धारित वेशभूषा में पाए गए।प्राथमिक विद्यालय मेघाखेड़ी में 191 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष 120 बच्चे उपस्थित मिले। सभी कर्मचारी विद्यालय में मौजूद थे। मध्यान्ह भोजन तैयार किया जा रहा था, लेकिन प्रधानाध्यापक के अनुसार ग्राम प्रधान की ओर से दूध उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण उसका वितरण नहीं हुआ। शौचालय और पेयजल की व्यवस्था चालू मिली। बच्चों की वेशभूषा आंशिक रूप से निर्धारित थी। सभी बच्चों को नियमित रूप से निर्धारित वेशभूषा में विद्यालय भेजने के लिए प्रभारी शिक्षक को निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम के तहत विद्यालय स्तर पर गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, अभिभावकों से संपर्क करने और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया गया।