अमेठी। मुसाफिरखाना क्षेत्र के भनौली गांव में भवन निर्माण के लिए कराई जा रही जमीन की खुदाई के दौरान 29 धातु के गोलाकार पदार्थ मिलने से मामला चर्चा में आ गया। खुदाई के दौरान इन गोलों के दिखाई देने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा बरामद वस्तुओं को अपने कब्जे में लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी। प्रशासन की ओर से अभी तक यह पुष्टि नहीं की गई है कि ये वस्तुएं कितनी पुरानी हैं या इनका निर्माण किस धातु से हुआ है। पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही इनके संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।जानकारी के अनुसार भनौली गांव में एक स्थान पर भवन निर्माण से संबंधित कार्य के लिए जमीन की खुदाई कराई जा रही थी। इसी दौरान मजदूरों को जमीन के भीतर कुछ गोलाकार धातु जैसी वस्तुएं दिखाई दीं। इसकी जानकारी आसपास के लोगों को हुई तो मौके पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया।बताया गया कि खुदाई के दौरान कुल 29 गोलाकार वस्तुएं मिली हैं। इनकी प्रकृति और वास्तविक उपयोग फिलहाल स्पष्ट नहीं है। वस्तुओं के मिलने की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई, जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बरामद वस्तुओं को अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी। साथ ही मौके पर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया, ताकि बरामद वस्तुओं के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न हो और जांच प्रभावित न हो।घटना की जानकारी मिलने के बाद पुरातत्व विभाग को भी सूचना दी गई है। विभागीय स्तर पर इन गोलों की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि उनका संबंध किसी पुराने काल या ऐतिहासिक गतिविधि से है अथवा वे अपेक्षाकृत सामान्य धातु की वस्तुएं हैं। इनके निर्माण की अवधि, धातु की प्रकृति और संभावित उपयोग के बारे में विशेषज्ञ जांच के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं जरूर शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इन वस्तुओं को पुराना बताकर इनके ऐतिहासिक महत्व की संभावना जता रहे हैं, लेकिन फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी यह नहीं कहा गया है कि बरामद वस्तुओं में सोना, चांदी या कोई अन्य कीमती धातु मौजूद है। इसलिए इन वस्तुओं को खजाना या कीमती धातु से संबंधित सामग्री बताना अभी उचित नहीं होगा। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन के भीतर से मिले 29 गोलाकार पदार्थ वास्तव में क्या हैं और उनका कोई ऐतिहासिक महत्व है या नहीं।मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल प्रशासन ने बरामद वस्तुओं को सुरक्षित रखकर उनके संबंध में आवश्यक जांच शुरू कर दी है। घटना सामने आने के बाद से भनौली गांव में इन वस्तुओं को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है, लेकिन इनके वास्तविक स्वरूप को लेकर अंतिम स्थिति विशेषज्ञ जांच के बाद ही सामने आएगी।ग्रामीणों में तरह तरह की चर्चा व्याप्त है कोई सोने के तो कोई चांदी के मटके बता रहा है

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