पटना। बिहार की सियासत में लंबे समय से सक्रिय रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर को लेकर गुरुवार को नया मोड़ सामने आया, जब उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। पटना स्थित बिहार विधानसभा परिसर में दाखिल किए गए नामांकन के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
करीब दो दशकों से बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार ने वर्ष 2005 से लेकर अब तक कई बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। अपने कार्यकाल में उन्होंने राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था को लेकर कई योजनाएं शुरू कीं, जिनकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी होती रही। इसी वजह से उन्हें बिहार की राजनीति का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है।
राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि अब बिहार में सत्ता का नेतृत्व किसी नए चेहरे को सौंपा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के भीतर इस विषय पर मंथन जारी है और जल्द ही नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर औपचारिक घोषणा हो सकती है।
नामांकन के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें जनता का जो स्नेह और समर्थन मिला है, वह उनके लिए सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे भविष्य में भी बिहार के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
