असम के कार्बी आंगलोंग जिले के पहाड़ी व घने जंगल क्षेत्र में भारतीय वायुसेना का एक सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान गुरुवार शाम प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गकर वीरगति को प्राप्त हो गए। दोनों पायलट जोरहाट एयरबेस से नियमित प्रशिक्षण मिशन पर उड़ान भरकर निकले थे। उड़ान के कुछ समय बाद ही विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया, जिसके बाद वायुसेना ने तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया।
रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद कार्बी आंगलोंग जिले के दुर्गम इलाके में विमान का मलबा बरामद हुआ। अधिकारियों ने पुष्टि की कि हादसा अत्यंत गंभीर था और दोनों पायलटों को बचाया नहीं जा सका। स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ हरियाणा के गुरुग्राम के निवासी थे और करीब दस वर्षों से भारतीय वायुसेना में सेवाएं दे रहे थे। वहीं फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गकर महाराष्ट्र के नागपुर क्षेत्र से संबंध रखते थे और वायुसेना के प्रतिभाशाली युवा पायलटों में उनकी पहचान थी।
भारतीय वायुसेना ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। हादसे की खबर मिलते ही दोनों शहीद पायलटों के परिजनों व क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है।

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