वाराणसी, 7 मार्च 26। गौ संरक्षण को लेकर सनातन समाज में जागरूकता बढ़ाने और सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार को वाराणसी से लखनऊ तक की विशेष यात्रा का शुभारंभ किया। यात्रा की शुरुआत काशी के प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर में पूजा-अर्चना और मां गंगा के तट पर आशीर्वाद लेकर की गई।
इस अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं बल्कि भारतीय परंपरा और कृषि व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है।
बताया गया कि यह यात्रा वाराणसी से शुरू होकर जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली और उन्नाव जैसे जिलों से गुजरते हुए 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर संत समाज और गौभक्तों के साथ बैठकें और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें गौ रक्षा के प्रति जनजागरण का संदेश दिया जाएगा।
शंकराचार्य ने कहा कि गौहत्या पर सख्ती से रोक लगाने और गौ संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए समाज और सरकार दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने लोगों से गौ सेवा और संरक्षण के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि यह अभियान देश की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है।
