मुजफ्फरनगर। कम उम्र में बेटियों की शादी रोकने और उन्हें शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में जागरूकता अभियान चलाया गया। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के नगरीय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाई और इस सामाजिक बुराई को खत्म करने में सहयोग का संकल्प लिया।शनिवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने किया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार के निर्देशन में हुए आयोजन में डॉ. राजीव कुमार, विद्यालय की वार्डन बबिता शर्मा और शिक्षिकाओं ने भी भाग लिया। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे न तो स्वयं बाल विवाह करेंगी और न ही अपने आसपास किसी को ऐसा करने देंगी।कार्यशाला में डॉ. राजीव कुमार ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह कराने या इसमें शामिल होने वालों के लिए कानून में सजा और जुर्माने का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की कैद, एक लाख रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों सजाएं हो सकती हैं।कार्यक्रम में छात्राओं को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान के बारे में भी समझाया गया। आयोजन के समापन पर शपथ लेने वाली छात्राओं और विद्यालय स्टाफ को पांच पर्व की शुभकामनाओं के साथ स्माइल मग भेंट किए गए।विद्यालय की वार्डन ने जनपदवासियों से अपील की कि बाल विवाह की किसी भी घटना को नजरअंदाज न करें और इसे रोकने के लिए प्रशासन का सहयोग करें।