मुजफ्फरनगर। सरकारी विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर करीब 11 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने खुद को गृह मंत्रालय में कार्यरत बताकर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उसकी बातों में आकर शिकायतकर्ता ने अपनी पत्नी और भान्जे के लिए चार लाख रुपये दिए। बाद में उसके परिचितों से भी नौकरी के नाम पर करीब सात लाख रुपये लेने का आरोप है। नौकरी नहीं मिलने पर रकम वापस मांगने पर विवाद और धमकी देने की बात भी शिकायत में कही गई है।जनकपुरी निवासी विकास त्यागी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात सुधीर चौहान से हुई थी। आरोप है कि सुधीर ने खुद को गृह मंत्रालय का कर्मचारी बताते हुए बड़े अधिकारियों से संपर्क होने का दावा किया। उसने सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा देकर विकास से रकम मांगी। नौकरी की उम्मीद में विकास ने पत्नी और भान्जे के लिए चार लाख रुपये दे दिए।शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बाद नियुक्ति कराने का भरोसा दिया जाता रहा, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी। इसके बाद विकास ने अपने परिचितों को भी नौकरी लगवाने की बात बताई। आरोप है कि इसी भरोसे पर अन्य लोगों से करीब सात लाख रुपये और ले लिए गए।नौकरी नहीं लगने पर जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपितों की ओर से टालमटोल किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, कई बार रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। रकम वापस मांगने पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।विकास त्यागी ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की थी। इसके बाद 16 सितंबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलकर लिखित शिकायत दी गई। शिकायत में सुधीर चौहान के अलावा अंजली चौहान, योगेश चौहान, माला, भानु त्यागी, अजय झा, मनीष उपाध्याय और विजय चौहान समेत अन्य लोगों के नाम बताए गए हैं।पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस लेनदेन से संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।