मुजफ्फरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आगामी 13 दिसंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के लंबित वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए दीवानी न्यायालय परिसर मुजफ्फरनगर के साथ ही बाह्य न्यायालय बुढ़ाना, ग्राम न्यायालय जानसठ, ग्राम न्यायालय खतौली और कलक्ट्रेट परिसर को आयोजन स्थल बनाया गया है।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक मामलों, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 से संबंधित मामलों, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाओं और बिजली, पानी व टेलीफोन के बिलों से जुड़े विवादों का निस्तारण किया जाएगा। इसके अलावा वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व और दीवानी मामलों को भी लोक अदालत में सुलह-समझौते के लिए रखा जाएगा।उन्होंने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना तथा आपसी सहमति से विवादों का समाधान करना है। संबंधित मामलों के पक्षकार निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने वादों के निस्तारण के लिए लोक अदालत में संपर्क कर सकते हैं।इससे पहले जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं प्रभारी जनपद न्यायाधीश, अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या-01, मुजफ्फरनगर श्रीमती गरिमा सिंह-1 ने संस्था का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संस्था में निरुद्ध किशोरों की समस्याओं की जानकारी ली और पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। अधिकारियों ने संस्था के संचालन से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।निरीक्षण के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं एफटीसी कोर्ट संख्या-01 ज्योत्सना सिवाच, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी, प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जसीम खान, नगर मजिस्ट्रेट दीपक कुमार पाल, सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ मिश्रा और जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संस्था प्रभारी मोहित कुमार, बेसिक शिक्षा विभाग से नामित सहायक अध्यापक राकेश कुमार, शरीक हसन, समस्त कर्मचारी और सुरक्षा बल भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।