मेरठ। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस का विरोध सोमवार को मेरठ में सड़क पर दिखाई दिया। जिला और महानगर कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कमिश्नरी चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पहुंचे और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और एसआईआर से जुड़े मामलों में स्पष्ट जवाब देने की मांग की। एसआईआर को लेकर कांग्रेस देश के विभिन्न हिस्सों में पहले भी प्रदर्शन कर चुकी है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि मतदाता को वोट देने का अधिकार सीधे मतदाता सूची से जुड़ा है। ऐसे में सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर लोगों के मन में उठ रहे सवालों का निर्वाचन आयोग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।जिला कांग्रेस अध्यक्ष गौरव भाटी ने कहा कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से पिछले करीब दस महीनों में विभिन्न फैसलों और प्रक्रियाओं पर कई बार आपत्ति दर्ज कराए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। इनमें नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने, निर्वाचन संबंधी सूचना-प्रौद्योगिकी व्यवस्था और मतदाता आंकड़ों से जुड़े विषय शामिल बताए गए हैं। एक प्रकाशित रिपोर्ट में दोनों आयुक्तों की ओर से कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज कराने का दावा किया गया है। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। यदि किसी पात्र मतदाता के नाम को लेकर आशंका पैदा होती है तो उसका समाधान किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों का सार्वजनिक रूप से जवाब मिलना चाहिए।प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता कमिश्नरी से कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने गेट के बाहर नारेबाजी की। कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला भी लेकर पहुंचे थे, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। बारिश के कारण पुतला भीग गया, जिसके चलते कार्यकर्ता उसका दहन नहीं कर सके। बाद में कलेक्ट्रेट का द्वार खोला गया।प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के गेट पर चढ़ने का प्रयास भी किया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन मतदाता के अधिकार और मतदाता सूची में पारदर्शिता से जुड़े सवालों को लेकर है।कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ एसआईआर से जुड़े फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की समीक्षा की मांग भी उठाई। वहीं, निर्वाचन आयोग की ओर से इन आरोपों के बीच कहा गया है कि एसआईआर समेत आयोग के फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए हैं।