मुजफ्फरनगर, 30 सितंबर 26। राजकीय संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध किशोरों की समस्याओं और उनके कानूनी अधिकारों को लेकर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किशोरों से बातचीत कर उनकी परेशानियां जानीं और उन्हें कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई।प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देशन में पहुंचे डॉ. चौधरी ने किशोरों को संविधान में दिए गए अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना जरूरी है, ताकि किसी भी कानूनी परेशानी की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त की जा सके।निरीक्षण के दौरान उन्होंने संप्रेक्षण गृह में रह रहे किशोरों से व्यक्तिगत रूप से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्हें बताया कि यदि किसी को कानूनी समस्या है, तो वह संप्रेक्षण गृह के प्रभारी के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अपनी बात पहुंचा सकता है। इसके लिए लिखित आवेदन भी दिया जा सकता है।डॉ. चौधरी ने स्पष्ट किया कि किशोरों की ओर से प्राप्त होने वाले आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान किशोरों को उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जागरूक करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित प्राधिकरण तक पहुंच बनाने पर जोर दिया गया।