लखनऊ/बरेली। दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला विशेष स्टाफ टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लखनऊ में चल रही कथित हेरोइन बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आए सुरागों के आधार पर पुलिस ने लखनऊ से लेकर बरेली तक कार्रवाई की और गिरोह से जुड़े चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार बरामद हेरोइन की कुल मात्रा 7.076 किलोग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 करोड़ रुपये आंकी गई है।पुलिस के मुताबिक मामले की कड़ी दिल्ली के बेगमपुर क्षेत्र से जुड़ी। 16 सितंबर को टीम ने तस्करी के संदेह में लक्ष्मण हुड्डा को पकड़ा था। उसके कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन और तीन लाख रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ के बाद पुलिस ने 17 सितंबर को सोनीपत से अनिल उर्फ भोला को गिरफ्तार किया। उसके पास से 501 ग्राम हेरोइन बरामद होने की बात सामने आई।जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को लखनऊ में हेरोइन तैयार किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद चार अक्टूबर को टीम ने जानकीपुरम की सीता कॉलोनी में छापा मारा। यहां बबलू नामक आरोपित को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को वहां से 6.275 किलोग्राम तैयार हेरोइन मिली। इसके अलावा नशीला पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले रसायन और उपकरण भी बरामद किए गए।छापे के दौरान पुलिस को 2.504 किलोग्राम सोडियम, 787 ग्राम एसीटिक एनहाइड्राइड, गैस सिलेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और अन्य सामान मिला। इससे पुलिस को आशंका है कि मकान में केवल नशीले पदार्थों का भंडारण ही नहीं, बल्कि उन्हें तैयार करने का काम भी किया जा रहा था।पूछताछ में बबलू से मिली जानकारी के बाद पुलिस को बरेली निवासी रुकसार अली उर्फ राजू के बारे में पता चला। पुलिस के अनुसार उसे नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया गया। इसके बाद टीम ने उसका पीछा शुरू किया और करीब 120 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद बरेली से उसे गिरफ्तार कर लिया।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगाने में जुटी है। जांच में हेरोइन की आपूर्ति के स्रोत, तैयार नशीले पदार्थ को खपाने वाले लोगों और गिरोह के वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और लोग भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।