मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में कर्मचारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।कर्मचारियों ने नियमितीकरण के साथ समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग की। धरने को संबोधित करते हुए संघ के जिला अध्यक्ष सचिन जैन ने कहा कि संविदा कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। नियमित कर्मचारियों की तरह जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें मानदेय के मामले में काफी अंतर का सामना करना पड़ रहा है।कर्मचारियों का कहना है कि कई मामलों में नियमित और संविदा कर्मियों के मानदेय में करीब चार गुना तक अंतर है। उनका आरोप है कि जिम्मेदारियां लगभग समान होने के बावजूद संविदा कर्मचारियों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसी को लेकर लंबे समय से समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग उठाई जा रही है।संघ की ओर से नियमितीकरण के अलावा महंगाई भत्ता, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, ईपीएफ, एचआरए और अनुकंपा नियुक्ति जैसी मांगें भी रखी गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सीमित मानदेय में स्वास्थ्य सेवाओं का दायित्व निभाने के बावजूद उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।संघ पदाधिकारियों के मुताबिक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार वार्ता कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी कारण कर्मचारियों को हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। साथ ही कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।