मुजफ्फरनगर। कृषि विज्ञान केंद्र, मुजफ्फरनगर-द्वितीय में गुरुवार को फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के तहत जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें जिले के अलग-अलग गांवों से पहुंचे 200 से अधिक किसानों और पशुपालकों ने भाग लेकर फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन की जानकारी ली।कार्यक्रम का शुभारंभ जानसठ ब्लाक प्रमुख नरेंद्र सिंह ने किया। अध्यक्षता जिला कृषि उपनिदेशक प्रमोद सिरोही ने की। विशिष्ट अतिथि सुरेंद्र सिंह रहे। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. यशपाल सिंह ने अतिथियों और किसानों का स्वागत किया।परियोजना अन्वेषक डॉ. रीना ने किसानों को बताया कि फसल कटाई के बाद खेत में बचे अवशेषों को जलाने से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने अवशेषों को खेत में ही उपयोग करने और वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करने के उपाय समझाए। किसानों को अवशेषों से होने वाले लाभ की जानकारी देते हुए पराली नहीं जलाने के लिए प्रेरित किया गया।संजीव कुमार ने किसानों से खेती में आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पूजा ने किया। समापन पर उत्तम राठी ने अतिथियों, वैज्ञानिकों और किसानों का आभार जताया। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन और खेत की मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने का संदेश दिया गया।