शामली। ऋण की किस्तों की कटौती और ब्याज दर को लेकर उठे विवाद में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने फाइनेंस कंपनी को झटका दिया है। आयोग ने शिकायतकर्ता को आर्थिक क्षतिपूर्ति देने के साथ ही कंपनी पर अर्थदंड भी लगाया है। आदेश के तहत कंपनी को कुल 1.05 लाख रुपये की रकम निर्धारित मदों में देनी होगी।शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि जनवरी 2023 में ऋण की धनराशि उसके खाते में आई थी। कंपनी ने सुरक्षा के नाम पर 13 खाली चेक लिए थे। आरोप है कि बिना पर्याप्त जानकारी दिए दो चेक बैंक में लगा दिए गए, जो बाउंस हो गए। इसके बाद खाते से जुर्माने की रकम भी काट ली गई।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि ऋण की राशि खाते में आने के अगले ही दिन पहली किस्त के तौर पर 37,069 रुपये काट लिए गए। शिकायतकर्ता का कहना था कि ऋण देते समय नौ प्रतिशत सालाना ब्याज दर बताई गई थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया। किस्तों की कटौती और ब्याज दर में कथित बदलाव से उसे आर्थिक परेशानी उठानी पड़ी।मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने शिकायत स्वीकार करते हुए फाइनेंस कंपनी को शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपये वाद व्यय देने का निर्देश दिया। इसके अलावा 50 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में सरकारी राजकोष में जमा कराने को कहा गया है।आयोग ने आदेश के अनुपालन के लिए कंपनी को 45 दिन का समय दिया है। निर्धारित अवधि में निर्देशों का पालन नहीं करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।