सहारनपुर। नकली सिक्के तैयार कर बाजार में खपाने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सहारनपुर पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए मिथिलेश चौरसिया की तलाश काफी समय से की जा रही थी। पुलिस ने उसे बिहार के मधुबनी जिले के राजनगर क्षेत्र स्थित लडुआ गांव से पकड़ा है। अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर सहारनपुर लाकर पूछताछ की जाएगी।पुलिस के मुताबिक, मिथिलेश इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए संतोष चौरसिया का भाई है। 12 सितंबर को शहर कोतवाली पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर नकली सिक्के बनाने के गिरोह का पर्दाफाश किया था। इसी मुकदमे में मिथिलेश को भी नामजद किया गया था, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 रुपये के 6,400 नकली सिक्के बरामद किए थे। इनकी कीमत 1.28 लाख रुपये बताई गई थी। इसके अलावा करीब पांच लाख रुपये के अधबने सिक्के, 500 रुपये के 20 नोट और सिक्के तैयार करने वाली छह मशीनें भी मिली थीं। मौके से लोहे की डाई, पॉलिश करने की मशीन, मोबाइल फोन और दो कारें समेत अन्य सामान भी जब्त किया गया था।अब पुलिस मिथिलेश से पूछताछ कर गिरोह में उसकी भूमिका और नकली सिक्कों की सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाएगी। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि सिक्के कहां तैयार किए जाते थे और उन्हें बाजार तक पहुंचाने के लिए किन लोगों की मदद ली जाती थी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं।