नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन ने बड़ी महारैली कर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई। रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों के प्रमुख नेता जुटे। मंच से नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सवाल उठाए और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई बड़े चेहरे शामिल हुए। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची से पात्र लोगों के नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और किसी भी नागरिक को इससे वंचित नहीं किया जाना चाहिए।कांग्रेस और सपा नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। विपक्ष ने उनके खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए पद से इस्तीफे की मांग दोहराई। नेताओं का कहना था कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा कायम रहना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।महारैली में शामिल नेताओं ने संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती का मुद्दा भी उठाया। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मतदान के अधिकार को संविधान की महत्वपूर्ण देन बताते हुए इसकी रक्षा के लिए एकजुट रहने की अपील की। वहीं कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि विपक्ष जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।रैली में तृणमूल कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा सहित अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की। नेताओं ने एक मंच पर आकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। विपक्षी दलों ने संकेत दिया कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।रामलीला मैदान में जुटी भीड़ और विपक्षी नेताओं की साझा मौजूदगी को गठबंधन की एकजुटता के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। रैली के जरिए विपक्ष ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि मताधिकार और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर वह मिलकर संघर्ष करेगा।