चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी नौकरी सुरक्षित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि 15 अगस्त 2026 तक लंबित सभी आवेदनों का सत्यापन पूरा कर लिया जाए। इससे प्रदेश के करीब सवा लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि पात्र कर्मचारियों के आवेदन जल्द से जल्द निपटाए जाएं। सरकार ने कहा है कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।सरकारी समीक्षा में पता चला कि बड़ी संख्या में आवेदन विभागों में लंबित पड़े हैं, जिसके कारण कर्मचारियों को कानून का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसे देखते हुए सरकार ने समय सीमा तय कर प्रक्रिया तेज करने का फैसला लिया है।हरियाणा सरकार ने संविदा कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित करने के लिए वर्ष 2024 में सेवा सुरक्षा कानून लागू किया था। इस कानून के तहत योग्य कर्मचारी 58 वर्ष की आयु तक नौकरी कर सकेंगे और उन्हें बार-बार नौकरी जाने का डर नहीं रहेगा।इस योजना का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो किसी सरकारी विभाग, बोर्ड या निगम में कार्यरत हैं और संविदा या आउटसोर्स व्यवस्था में कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं। वेतन भी तय सीमा के भीतर होना चाहिए।नौकरी की सुरक्षा के साथ कर्मचारियों को अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। इनमें बेहतर वेतन, स्वास्थ्य सुविधा, ग्रेच्युटी, महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व लाभ और असमय मृत्यु पर परिवार को आर्थिक सहायता शामिल है। सरकार ने साफ किया है कि पात्र कर्मचारियों के मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।