प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में आने वाले सात दिनों के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर वज्रपात की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।भारत मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 28 जून से 4 जुलाई तक प्रदेश के दोनों हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी। इस दौरान कई स्थानों पर बादलों की गर्जना के साथ मध्यम से तेज वर्षा हो सकती है।चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस. एन. सुनील पांडेय ने बताया कि 28 से 30 जून के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कहीं-कहीं वर्षा होने के संकेत हैं। वहीं 1 जुलाई से 4 जुलाई के बीच बारिश की तीव्रता और क्षेत्रफल दोनों बढ़ सकते हैं, जिससे अधिक जिलों में वर्षा दर्ज होने की संभावना है।मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में कुछ क्षेत्रों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात भी हो सकता है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ जिलों में भारी वर्षा की भी आशंका व्यक्त की गई है, जिससे जलभराव और आवागमन प्रभावित हो सकता है।मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में अनावश्यक रूप से न रुकें। विशेष रूप से पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखें। बिजली चमकने या तेज गर्जना होने पर सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी गई है।किसानों को भी मौसम के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने को कहा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बुवाई, सिंचाई और फसल सुरक्षा संबंधी कार्य मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर किए जाएं।