मुजफ्फरनगर के शांतिनगर स्थित कंबोज अस्पताल में एक मरीज के उपचार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों के खिलाफ नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर नई मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया।बताया गया कि सहारनपुर जनपद के देवबंद क्षेत्र के ग्राम अमरपुर गढ़ी निवासी अमरदीप का इसी वर्ष जनवरी में अस्पताल में पित्त की थैली का ऑपरेशन कराया गया था। ऑपरेशन दूरबीन विधि से किया गया था। परिजनों का कहना है कि शल्यक्रिया के बाद मरीज को अपेक्षित राहत नहीं मिली और लगातार पेट दर्द व अन्य परेशानियां बनी रहीं।परिवार के लोगों के अनुसार, उपचार के लिए कई बार अस्पताल से संपर्क किया गया, लेकिन मरीज की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। समय बीतने के साथ उसकी हालत और गंभीर होती चली गई। बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए ऋषिकेश स्थित एम्स ले जाना पड़ा, जहां वर्तमान में उसका उपचार चल रहा है।परिजनों का आरोप है कि शुरुआती स्तर पर गंभीरता से उपचार किया जाता तो मरीज को इतनी गंभीर स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। उनका कहना है कि लंबे उपचार के कारण परिवार आर्थिक और मानसिक दबाव से गुजर रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों को अस्वीकार किया है। अस्पताल संचालक डॉ. पी.के. कंबोज का कहना है कि ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया था और बाद की जांच में मरीज को अलग प्रकार की गंभीर बीमारी होने के संकेत मिले। उनके अनुसार पित्त नली में गांठ की जानकारी सामने आई है, जिसकी विशेषज्ञ संस्थान में जांच और उपचार आवश्यक है।