मुजफ्फरनगर। शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हरसौली निवासी अब्दुल्ला पुत्र इस्माइल ने कुछ लोगों पर उसका मोबाइल फोन खरीदने के बाद ई-मेल आईडी पर कथित रूप से कब्जा करने और 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि रकम नहीं देने पर ई-मेल आईडी का गलत इस्तेमाल कर उसे किसी मामले में फंसाने की धमकी दी गई। मामले को लेकर पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने करीब एक माह पहले अपना इनफिनिक्स कंपनी का मोबाइल फोन 20 हजार रुपये में बेच दिया था। उस समय मोबाइल में उसकी ई-मेल आईडी पहले से बनी हुई थी। आरोप है कि मोबाइल खरीदने के बाद आमिर और मुजफ्फर अली ने उक्त ई-मेल आईडी को अपने कब्जे में ले लिया और उसका कथित रूप से गलत इस्तेमाल शुरू कर दिया।अब्दुल्ला का आरोप है कि उसकी ई-मेल आईडी से फेसबुक और इंस्टाग्राम खाते भी जुड़े हुए हैं। आरोपियों द्वारा इन खातों का भी अपने हिसाब से इस्तेमाल किए जाने की बात शिकायत में कही गई है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि उसकी ई-मेल आईडी और सामाजिक माध्यमों से जुड़े खातों का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी गतिविधि में किया जा सकता है, जिससे वह किसी गंभीर परेशानी में फंस सकता है।शिकायत के मुताबिक, ई-मेल आईडी पर कथित नियंत्रण करने के बाद आरोपियों ने पीड़ित से 50 हजार रुपये की मांग शुरू कर दी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर उसकी ई-मेल आईडी का गलत इस्तेमाल कर उसे किसी मामले में फंसाने की धमकी दी गई। इस धमकी के बाद पीड़ित और उसका परिवार भयभीत है।पीड़ित ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि 12 अगस्त को दोपहर करीब ढाई बजे आरोपी पक्ष के लोग और उनके कुछ रिश्तेदार उसके घर पहुंचे। आरोप है कि आमिर और सादिल ने उसके पिता का गिरेबान पकड़ लिया और उनके साथ अभद्रता की। इस दौरान परिवार के लोगों को जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।अब्दुल्ला के अनुसार, इस घटना के बाद उसके परिवार को आरोपियों से जान और माल का खतरा बना हुआ है। उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।प्रार्थना पत्र में आरिफ पुत्र कामिल, अमन तथा मुजफ्फर अली समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ जांच की मांग की गई है। पीड़ित ने पुलिस से ई-मेल आईडी और उससे जुड़े सामाजिक माध्यमों के खातों के कथित दुरुपयोग की भी जांच कराने का अनुरोध किया है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।