मुजफ्फरनगर। गन्ने की पेराई का नया सत्र शुरू होने से पहले जिला प्रशासन ने कोल्हू और खांडसारी इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन करने की हिदायत दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इकाइयों में प्लास्टिक, पुराने टायर और अन्य प्रतिबंधित सामग्री जलाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने संचालकों को पेराई शुरू होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।बुधवार को कचहरी परिसर स्थित जिला पंचायत सभागार में इस संबंध में बैठक हुई। अपर जिलाधिकारी प्रशासन देश दीपक सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कोल्हू और खांडसारी इकाइयों के संचालकों को प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी गीतेश चंद्रा ने पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप इकाइयों का संचालन करने पर जोर दिया।अधिकारियों ने कहा कि कोल्हुओं में प्रतिबंधित सामग्री जलाने से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है। इससे आसपास के वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में संचालकों को निर्धारित मानकों के अनुसार ईंधन का इस्तेमाल करना होगा। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं को भी सुनिश्चित करना होगा।बैठक में स्पष्ट किया गया कि पेराई सत्र के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाली इकाइयों पर संबंधित विभाग नजर रखेंगे। निरीक्षण में प्रतिबंधित ईंधन का इस्तेमाल या प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।इस दौरान जिला पंचायत अधिकारी योगेश कुमार, जिला खांडसारी अधिकारी आशुतोष और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता कुंवर संतोष कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।