मुजफ्फरनगर। शाहपुर के मोहल्ला सैनियान में हुए तेजवीर सैनी हत्याकांड में अदालत ने उसके सगे छोटे भाई सुखपाल को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए भाई-भाई के पवित्र रिश्ते, पारिवारिक मर्यादा और भारतीय समाज में आपसी सहयोग की परंपरा का उल्लेख किया।अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 22 अप्रैल 2023 की है। इस मामले में सोनू सैनी ने शाहपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि सुखपाल गन्ने के खेत से जबरन ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालने का प्रयास कर रहा था। उसके बड़े भाई तेजवीर सैनी ने इसका विरोध किया था।ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालने को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया। अभियोजन का आरोप था कि सुखपाल ने अपने साथी के साथ मिलकर तेजवीर के साथ मारपीट की और उसके ऊपर ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ा दी। घटना में तेजवीर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन और अन्य लोगों ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से संबंधित साक्ष्य और गवाह अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने अभियोजन की ओर से अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि आरोपी सुखपाल मृतक तेजवीर सैनी का सगा छोटा भाई है।अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद सुखपाल को हत्या का दोषी माना। दोषसिद्धि के बाद अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई की और दोषी को आजीवन कारावास तथा एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया।फैसला सुनाते समय न्यायालय ने अपराध की गंभीरता के साथ भाई-भाई के रिश्ते की सामाजिक और पारिवारिक महत्ता पर भी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि भारतीय समाज में भाई-भाई के रिश्ते में प्रेम, सहयोग, सुरक्षा और कर्तव्य की भावना जुड़ी होती है। ऐसे रिश्ते में हिंसा के जरिये जीवन समाप्त करना केवल कानून की नजर में गंभीर अपराध ही नहीं, बल्कि पाप की श्रेणी में भी आता है।न्यायालय ने टिप्पणी की कि सतयुग में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और भरत के उदाहरण भाईचारे और कर्तव्य की मर्यादा को दर्शाते हैं। इसके विपरीत शाहपुर के इस मामले में छोटे भाई के कृत्य से भाईचारे के पवित्र रिश्ते को गंभीर आघात पहुंचा।अदालत ने यह भी कहा कि गंभीर अपराध में दोषी के प्रति अनुचित सहानुभूति न्याय व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकती है और कानून की प्रभावशीलता के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर कर सकती है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए अदालत ने दोषी को कठोर दंड सुनाया।इस मामले में खेत से ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालने को लेकर शुरू हुआ विवाद आगे चलकर जानलेवा हो गया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने छोटे भाई सुखपाल को अपने बड़े भाई तेजवीर सैनी की हत्या के लिए जिम्मेदार माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाकर मामले का निस्तारण किया।

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