शामली। झिंझाना थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए पंजाब के लुधियाना निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से तीन पिस्टल, एक रिवॉल्वर, छह तमंचे, 12 जिंदा कारतूस, नकदी, मोबाइल फोन और हथियारों की तस्करी में प्रयुक्त कार बरामद की गई है। जांच में गिरोह के तार मेरठ और आसपास के क्षेत्रों से पंजाब तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनय कुमार पुत्र दीपक कुमार निवासी हीरा नगर, लुधियाना और राजेश पुत्र बाबूलाल निवासी जसरा रोड, लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।पुलिस के अनुसार तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 32 बोर की तीन पिस्टल, 32 बोर का एक रिवॉल्वर और 315 बोर के छह तमंचे बरामद किए गए। इसके अलावा 32 बोर के आठ तथा 315 बोर के चार जिंदा कारतूस भी मिले। आरोपियों के पास से करीब 15 हजार रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने एक स्विफ्ट डिजायर कार भी कब्जे में ली है, जिसका पंजीकरण नंबर पीबी-01-एफ-8776 बताया गया है।जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी मेरठ और आसपास के इलाकों से अवैध हथियार लेकर पंजाब पहुंचाते थे। वहां इन हथियारों को कथित तौर पर अधिक कीमत पर बेचा जाता था। पुलिस के अनुसार गिरोह में एक पिस्टल करीब 80 हजार रुपये और एक तमंचा करीब 10 हजार रुपये में बेचे जाने की जानकारी सामने आई है।पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का संपर्क पंजाब में जेल में बंद एक आरोपी से था। पुलिस के अनुसार बाज गिल नाम का व्यक्ति लुधियाना का निवासी है और वर्तमान में पंजाब की होशियारपुर जेल में मादक पदार्थ से जुड़े मामले में बंद है। पुलिस को संदेह है कि जेल में रहने के बावजूद वह गिरोह की गतिविधियों से जुड़ा हुआ था और बाहर मौजूद लोगों के माध्यम से हथियारों की व्यवस्था कराता था।पुलिस के मुताबिक कुछ समय पहले बाज गिल के भाई सतेंद्र के साथ राहुल और उसके साथियों की मारपीट हुई थी। इसी घटना के बाद बदला लेने के लिए बाज गिल ने कथित तौर पर विनय और राजेश से संपर्क किया था। जांच के अनुसार इसके बाद दोनों आरोपी मेरठ क्षेत्र से हथियार और कारतूस लेकर पंजाब की ओर जा रहे थे। इसी दौरान झिंझाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की जांच कर रही है। इसके जरिए हथियारों की खरीद, आपूर्ति और बिक्री से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों और हथियार उपलब्ध कराने वाले लोगों की पहचान के लिए भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।पुलिस का कहना है कि जांच केवल हथियारों की तस्करी तक सीमित नहीं है। गिरोह की मादक पदार्थों की तस्करी में संभावित संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। इस संबंध में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस के अनुसार बरामद हथियारों और कारतूसों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हथियारों के स्रोत और पंजाब में इनके खरीदारों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

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