मुजफ्फरनगर। बघरा ब्लॉक के मुकंदपुर गांव में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद निलंबित राशन विक्रेता के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। विभागीय जांच में दुकान के स्टॉक से जुड़े 353.23 कुंतल खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिलने को गंभीरता से लिया गया है। मामले में तितावी थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।शिकायत मिलने के बाद एसडीएम सदर के निर्देश पर पूर्ति विभाग और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की टीम ने 29 जुलाई को राशन की दुकान से संबंधित जांच की। टीम ने मुकंदपुर और उससे जुड़े नूनाखेड़ा गांव के 119 राशन कार्डधारकों से जानकारी ली और उनके बयान दर्ज किए। कई कार्डधारकों ने राशन वितरण में निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न मिलने की शिकायत की।जांच में यह भी बताया गया कि कुछ लाभार्थियों से ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद पूरा राशन नहीं दिया गया। अंत्योदय कार्डधारकों को मिलने वाली चीनी के वितरण और निर्धारित कीमत से अधिक रकम लेने से संबंधित शिकायतें भी जांच के दौरान सामने आईं।विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक दुकान निलंबित किए जाने के समय 211.84 कुंतल गेहूं और 141.39 कुंतल चावल, यानी कुल 353.23 कुंतल खाद्यान्न शेष था। यह खाद्यान्न नए राशन विक्रेताओं को हस्तांतरित किया जाना था, लेकिन विभाग के अनुसार ऐसा नहीं हो सका।मामले में निलंबित राशन विक्रेता की ओर से दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने और खाद्यान्न व अभिलेख नष्ट होने की बात कही गई। हालांकि विभागीय जांच में इस दावे के समर्थन में पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जाने की बात सामने आई।इसके बाद पूर्ति निरीक्षक ने जिलाधिकारी से अनुमति लेने के बाद 11 सितंबर को तितावी थाने में तहरीर दी। पुलिस ने निलंबित राशन विक्रेता कपिल कुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।