सहारनपुर। नकली मुद्रा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सहारनपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली नगर पुलिस ने एसओजी, स्वाट और सर्विलांस टीम के साथ कार्रवाई करते हुए नकली सिक्के तैयार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी संख्या में नकली सिक्के और इन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है।पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से 20 रुपये के 6,400 नकली सिक्के मिले हैं। इनकी अंकित कीमत करीब 1.28 लाख रुपये है। इसके अलावा करीब पांच लाख रुपये कीमत के अधबने सिक्के, सिक्के तैयार करने वाली छह मशीनें, डाई और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं। टीम ने आरोपियों के पास से नकली नोट, मोबाइल फोन, हिसाब-किताब से जुड़े रजिस्टर, चेकबुक और दो कारें भी कब्जे में ली हैं।पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य मशीनों और विशेष डाई की मदद से नकली सिक्के तैयार करते थे। इसके बाद इन्हें अलग-अलग माध्यमों से बाजार में चलाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर सिक्कों को बाजार के अलावा शराब के ठेकों और टोल प्लाजा जैसे स्थानों पर भी खपाते थे।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार इनमें कुलदीप मुजफ्फरनगर का रहने वाला है।पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के नकली सिक्के बाजार में खपा चुका है। हालांकि यह आंकड़ा आरोपियों से पूछताछ में सामने आया दावा है। पुलिस अब इसकी स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह का नेटवर्क कितने जिलों तक फैला हुआ था।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। अब जांच टीम नकली सिक्कों के निर्माण, सप्लाई और उन्हें बाजार में पहुंचाने वाले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।