मुजफ्फरनगर। वाहन चालकों के लिए जरूरी खबर है। जिले में एक अक्टूबर से वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) के बिना पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू की जा रही इस व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंपों पर वाहन में ईंधन भरने से पहले प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता जांची जाएगी।नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंप संचालकों को वाहन के साथ उपलब्ध प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच करनी होगी। इसके लिए वाहन और प्रदूषण प्रमाणपत्र से संबंधित एकीकृत मोबाइल व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रमाणपत्र वैध पाए जाने के बाद ही वाहन में पेट्रोल या डीजल डालने की अनुमति होगी।प्रशासन की ओर से पेट्रोल पंप संचालकों को नई व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में 15 सितंबर को जिले के पेट्रोल पंप संचालकों और प्रबंधकों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। इसमें प्रमाणपत्र की जांच और नई व्यवस्था के तहत अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में बताया गया।प्रशासन ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र समय रहते जांच लें। जिन वाहनों के प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त हो चुकी है अथवा जल्द समाप्त होने वाली है, उनके स्वामी निर्धारित केंद्र पर वाहन की प्रदूषण जांच कराकर नया प्रमाणपत्र बनवा लें। ऐसा नहीं करने पर एक अक्टूबर से पेट्रोल और डीजल लेने में परेशानी हो सकती है।यह व्यवस्था शासन के 27 अगस्त के आदेश तथा खाद्य एवं रसद विभाग के 14 सितंबर के पत्र के आधार पर लागू की जा रही है। मुजफ्फरनगर के एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने के कारण जिले में भी इस व्यवस्था को प्रभावी किया जा रहा है।