मुजफ्फरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी ने शुक्रवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं को देखा और विभिन्न बैरकों में बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान पाकशाला, अस्पताल, पुरुष बैरक, महिला बैरक और बाल बैरक का जायजा लिया गया।सचिव ने दोषसिद्ध बंदियों को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी बंदी को अपने अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है। कानूनी प्रक्रिया से संबंधित परेशानी होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सहायता ली जा सकती है।बंदियों से बातचीत के दौरान उच्च न्यायालय में अपील से संबंधित समस्याओं का मुद्दा भी सामने आया। सचिव ने बताया कि दोषसिद्ध बंदी अपील दाखिल करने में कानूनी दिक्कत होने पर जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन दे सकते हैं। आवेदन मिलने पर नियमानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।जेल अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि ऐसे बंदियों की सूची प्राधिकरण को भेजी जाए, जिनके मामलों का निस्तारण ई-जेल लोक अदालत अथवा जेल लोक अदालत के माध्यम से संभव है। इससे संबंधित मामलों को चिह्नित कर शीघ्र निस्तारण की कार्रवाई की जा सकेगी।निरीक्षण के दौरान ऐसे बंदियों को भी विधिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जिनकी जमानत याचिका अधीनस्थ न्यायालय से स्वीकृत हो चुकी है। अधिकारियों को बंदियों की कानूनी समस्याओं के समाधान और पात्र बंदियों को उपलब्ध विधिक सेवाओं का लाभ दिलाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।