मुजफ्फरनगर। काली नदी रोड स्थित निजी अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए। पित्त की थैली के ऑपरेशन की तैयारी के बीच ऑपरेशन थिएटर में मरीज मिलने और चिकित्सक के वहां से चले जाने के आरोप सामने आए हैं। जांच टीम ने अस्पताल के संचालन और पंजीकरण से संबंधित जानकारी जुटाई।शिकायत के आधार पर डिप्टी सीएमओ डॉ. अजय कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंची। टीम में हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी भी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन थिएटर में मरीज के मौजूद होने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि टीम के पहुंचने पर संबंधित चिकित्सक वहां से चले गए। इस घटनाक्रम के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई।छापेमारी के दौरान अस्पताल में मौजूद कुछ तीमारदारों और स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किए जाने की बात भी सामने आई। विरोध के कारण टीम को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद चिकित्सक से अस्पताल के पंजीकरण और संचालन के संबंध में जानकारी ली गई। चिकित्सक की ओर से पंजीकरण के लिए आवेदन किए जाने की बात बताई गई।मामले में हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपंजीकृत अस्पतालों और नियमों के विपरीत चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्वास्थ्य विभाग की जांच और संबंधित अभिलेखों के आधार पर अस्पताल की वैधानिक स्थिति तथा अन्य आरोपों पर आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।