सहारनपुर। नकुड़ क्षेत्र में जमीन खरीदने के नाम पर देहरादून निवासी सेवानिवृत्त सैनिक से करीब 80 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि जमीन का मालिक होने का दावा कर कुछ लोगों ने उससे रकम ले ली, लेकिन बाद में राजस्व अभिलेखों की जांच में जमीन किसी और के नाम दर्ज मिली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।शिकायतकर्ता सुरेंद्र सिंह गुसाईं के अनुसार, सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वह अपने परिचित रामपाल के साथ सहारनपुर में जमीन खरीदने के लिए आए थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात नकुड़ क्षेत्र के कोसर अली, मुनसाद, नौसीदा समेत अन्य लोगों से हुई। आरोप है कि 31 जनवरी 2025 को उन्हें अंबेहटा बहार क्षेत्र में जमीन दिखाई गई और कोसर अली को उसका मालिक बताया गया। जमीन का सौदा 24 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से तय किया गया।पीड़ित का आरोप है कि जमीन के स्वामित्व के भरोसे में लेकर दो फरवरी 2025 को नोटरी के माध्यम से अनुबंध कराया गया। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में आरोपितों द्वारा बताए गए खातों में रकम भेजी गई और कुछ धनराशि नकद भी दी गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जमीन खरीदने के लिए उसने अपनी जमा पूंजी के साथ कर्ज और अन्य संसाधनों से रकम जुटाई थी। कुल करीब 80 लाख रुपये दिए जाने का दावा किया गया है।रकम लेने के बाद जमीन का बैनामा कराने में लगातार देरी की जाने लगी। संदेह होने पर शिकायतकर्ता ने राजस्व अभिलेखों की जांच कराई तो कथित तौर पर पता चला कि जिस जमीन को कोसर अली की बताया गया था, वह उसके नाम दर्ज नहीं है। संबंधित अभिलेखों में जमीन दूसरे लोगों के नाम दर्ज होने की बात सामने आई।आरोप है कि रकम वापस मांगने पर टालमटोल की गई। बाद में 20 जून 2025 को पूर्व में किए गए अनुबंध को निरस्त कराने संबंधी दस्तावेज तैयार कराकर रुपये लौटाने का भरोसा दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसे रकम मांगने पर धमकियां भी दी गईं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जमीन के अभिलेख, भुगतान से जुड़े दस्तावेज और आरोपितों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।