मुजफ्फरनगर। साइबर ठगों के नए तरीके पर शिकंजा कसते हुए साइबर थाना पुलिस ने समय रहते सात मामलों में करीब पांच करोड़ रुपये की रकम अपराधियों तक पहुंचने से रोकने का दावा किया है। ठगी के लिए आरोपितों ने कंपनियों के मालिक और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर कर्मचारियों तथा लेखाकारों पर तत्काल भुगतान करने का दबाव बनाया।पुलिस के अनुसार ऐसे मामलों में ठग पहले संबंधित संस्थान की जानकारी जुटाते हैं और फिर अधिकारी बनकर कर्मचारी को फोन या संदेश भेजते हैं। इसके बाद किसी जरूरी भुगतान या खाते में रकम स्थानांतरित करने के नाम पर जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए दबाव बनाया जाता है। कर्मचारी यदि बिना पुष्टि के रकम भेज देता है तो पैसा सीधे ठगों के खातों में पहुंच जाता है।साइबर थाना पुलिस ने ऐसे सात मामलों में समय रहते कार्रवाई करते हुए करीब पांच करोड़ रुपये की रकम को ठगी का शिकार होने से बचाया। वहीं चार बैंक खातों में मौजूद करीब 1.25 करोड़ रुपये की धनराशि को भी होल्ड कराया गया।पुलिस ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों को इस तरह की ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। वरिष्ठ अधिकारी के नाम से अचानक रकम भेजने का निर्देश मिलने पर फोन या किसी अन्य माध्यम से उसकी पुष्टि करने को कहा गया है। पुलिस के मुताबिक साइबर अपराध या ठगी के प्रयास की जानकारी तत्काल 1930 पर दी जानी चाहिए।