मुजफ्फरनगर। चरथावल क्षेत्र के रोहाना हरजीपुर गांव और आसपास के जंगल में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में तेंदुए की आहट की चर्चा है, जिसके चलते खेतों में काम करने वाले लोगों में भय बना हुआ है।इसी चिंता के बीच धीरसिंह पुंडीर संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंकुर राणा के नेतृत्व में ग्रामीण जंगल पहुंचे। करीब दो घंटे तक ग्रामीणों ने हाथों में लाठी-डंडे लेकर जंगल के अलग-अलग हिस्सों में तेंदुए की तलाश की। ग्रामीणों ने झाड़ियों और गन्ने के आसपास के क्षेत्र में भी खोजबीन की, हालांकि तेंदुआ दिखाई नहीं दिया।ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुए की आशंका लंबे समय से बनी होने के बावजूद वन विभाग की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि खेतों में काम करने वाले किसानों को अकेले जाने में डर लग रहा है। ग्रामीणों ने जिला वन अधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए तेंदुए की तलाश कर उसे पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि तेंदुए के हमले में किसी किसान या ग्रामीण के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को किसी घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल ग्रामीणों की जंगल में तलाश के बाद क्षेत्र में तेंदुए को लेकर चिंता और बढ़ गई है।