गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर जेल से रिहाई के कुछ घंटे बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया। रविवार को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब आजम खान को डासना जेल में रहना होगा।आजम खान को शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहा किया गया था। वह अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ करीब 11 महीने बाद जेल से बाहर आए थे। दोनों को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी। हालांकि, जेल से बाहर निकलते ही ईडी की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए एजेंसी के दिल्ली कार्यालय ले जाया गया।ईडी की कार्रवाई रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में हुई है। जांच एजेंसी विश्वविद्यालय के निर्माण और उससे जुड़े धन के लेनदेन की पड़ताल कर रही है। इसी सिलसिले में आजम खान से पूछताछ की गई। एजेंसी ने उनसे कई सवाल किए और मामले से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जानकारी जुटाई।रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आजम खान को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें डासना जेल ले जाया गया।अदालत में पेशी के दौरान मीडिया ने आजम खान से प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, ‘अब क्या रह गया है बोलने को।’ वहीं, उनकी गिरफ्तारी को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। सपा नेताओं ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया, जबकि जांच एजेंसी की कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं की जांच से जुड़ी है।फिलहाल आजम खान की कानूनी मुश्किलें बरकरार हैं। आने वाले दिनों में मामले की सुनवाई और जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।