मुजफ्फरनगर। मेडिको-लीगल मामलों में तेजी लाने और चिकित्सा व पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए दोनों विभागों के अधिकारियों को डिजिटल पोर्टल के संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। बुधवार को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में सीसीटीएनएस और मेडलेप पोर्टल को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के दिशा-निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया और एसपी क्राइम सिद्धार्थ के मार्गदर्शन में अधिकारियों को पोर्टल की कार्यप्रणाली समझाई गई। फॉरेंसिक साइंस विशेषज्ञ एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार तथा पुलिस विभाग से अंकित चौधरी ने प्रशिक्षक के रूप में महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।प्रशिक्षण में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी तथा चिकित्सा अधीक्षक शामिल हुए। उन्हें सीसीटीएनएस और मेडलेप पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन मेडिकल परीक्षण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने और जरूरी सूचनाओं के डिजिटल आदान-प्रदान की प्रक्रिया समझाई गई। इसके साथ ही मेडिको-लीगल मामलों में अपनाई जाने वाली कानूनी और विभागीय प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिस और चिकित्सा विभाग के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को आसान और समयबद्ध बनाना है। डिजिटल व्यवस्था के प्रभावी इस्तेमाल से मेडिकल परीक्षण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संबंधित कार्यों में पारदर्शिता आएगी तथा दोनों विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे पोर्टल का उपयोग करते हुए आपसी तालमेल के साथ कार्य करें, ताकि मेडिको-लीगल मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो।