मेरठ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में किसान नेताओं दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ कथित मारपीट तथा विशेष अभियान दल के कार्यालय में जबरन नचाने के मामले की जांच पूरी हो गई है। सहारनपुर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने जांच के बाद तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय और सिविल लाइंस के तत्कालीन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ समेत नौ पुलिसकर्मियों को नोटिस देने की तैयारी की है।मामला सामने आने के बाद मेरठ के नवागत एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने प्रारंभिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए सिविल लाइंस के तत्कालीन इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार गौड़, उपनिरीक्षक मुलायम सिंह, कांस्टेबल हरिओम, मुकेश कुमार, श्याम बाबू और सुमित कुमार, महिला कांस्टेबल नीलम लौर तथा सरकारी वाहन चालक ललित कुमार को लाइन हाजिर कर दिया था। बाद में इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को निलंबित भी किया गया।प्रकरण को लेकर समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान समेत अन्य नेताओं ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग उठाई थी। इसके बाद अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन भानु भास्कर के निर्देश पर सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह को जांच सौंपी गई।जांच के दौरान डीआईजी शुक्रवार शाम मेरठ पहुंचे और सबसे पहले एसएसपी कार्यालय में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की। इसके बाद सर्किट हाउस में किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के बयान दर्ज किए गए। दिग्विजय भाटी के शरीर पर लगी चोटों का भी डीआईजी ने निरीक्षण किया और साक्ष्य के तौर पर उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग कराई।इसके बाद डीआईजी पुलिस लाइन स्थित विशेष अभियान दल के कार्यालय पहुंचे और देर रात तक घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों से भी जानकारी लेकर उनका पक्ष जाना। जांच पूरी होने के बाद अब संबंधित पुलिसकर्मियों को नोटिस देकर उनका स्पष्टीकरण लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।हालांकि, मामले में मेरठ पुलिस का पक्ष अलग है। पुलिस ने किसान नेताओं द्वारा लगाए गए मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों को निराधार बताया था। पुलिस के अनुसार, दिग्विजय भाटी एसएसपी कार्यालय से घर लौटते समय स्कूटी फिसलने से घायल हुए थे। इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज होने और उसे सामान्य डायरी में दर्ज किए जाने का भी पुलिस ने दावा किया था।पुलिस ने दोनों किसान नेताओं के आपराधिक इतिहास का भी उल्लेख किया था। पुलिस के अनुसार, संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र के चमरौआ गांव निवासी दिग्विजय भाटी के खिलाफ अलग-अलग थानों में 10 प्राथमिकी दर्ज हैं, जबकि मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के किनानगर गांव निवासी मोहित जाटव के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज हैं। दोनों को संबंधित थानों का घोषित हिस्ट्रीशीटर बताया गया है।अब डीआईजी की जांच के बाद नौ पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी होने की तैयारी से मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। नोटिस के जवाब और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विभागीय स्तर पर अगला निर्णय लिया जाएगा।