नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब सत्तारूढ़ दल ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से उनके आवास पर महत्वपूर्ण मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक को प्रदेश की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने वाली बड़ी बैठक माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार बैठक में नए मंत्रियों को विभागों की जिम्मेदारी सौंपने पर विस्तार से चर्चा हुई। माना जा रहा है कि विभागों के बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया गया है और जल्द ही इसकी घोषणा की जा सकती है। इसके साथ ही सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाकर आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को मजबूत करने पर भी मंथन किया गया।बताया जा रहा है कि बैठक में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों को ध्यान में रखते हुए चुनावी समीकरणों पर विशेष चर्चा हुई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रभाव बढ़ाने, ब्राह्मण समाज में पकड़ मजबूत करने तथा दलित और पिछड़े वर्गों के बीच जनाधार बढ़ाने को लेकर रणनीति तैयार की गई है। पार्टी नेतृत्व ऐसे चेहरों को आगे लाने की तैयारी में है जिनकी अपने समाज और क्षेत्र में मजबूत पकड़ मानी जाती है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि लोकसभा चुनाव से मिले अनुभवों के बाद अब पार्टी विधानसभा चुनाव के लिए कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती। गांव और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने तथा सरकार की योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि नए मंत्रियों को ऐसे विभाग सौंपे जाएंगे जिनका सीधा संबंध आम जनता से हो।दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात कर संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में कई बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।