मुजफ्फरनगर। नई ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में मंगलवार को तहसील सदर के दस्तावेज लेखकों ने कलमबंद हड़ताल कर दी। हड़ताल के चलते पूरे दिन रजिस्ट्री का काम प्रभावित रहा और तहसील में संपत्तियों के पंजीकरण से जुड़े कार्य लगभग ठप रहे। दस्तावेज लेखकों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और शासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।दस्तावेज लेखकों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू की जा रही नई ई-पंजीकरण व्यवस्था में उन्हें पर्याप्त स्थान नहीं दिया गया है। उनका आरोप है कि नई प्रणाली लागू होने से वर्षों से इस कार्य से जुड़े हजारों दस्तावेज लेखक और उनके परिवारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। इसी को लेकर प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत मुजफ्फरनगर में भी विरोध प्रदर्शन किया गया।धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दस्तावेज लेखक लंबे समय से निबंधन विभाग के साथ मिलकर लोगों को रजिस्ट्री और दस्तावेज संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराते आ रहे हैं। नई व्यवस्था में यदि उन्हें शामिल नहीं किया गया तो उनका रोजगार प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का विरोध नहीं है, लेकिन इसमें दस्तावेज लेखकों की भूमिका भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।प्रदर्शन के दौरान दस्तावेज लेखकों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि सभी पंजीकृत दस्तावेज लेखकों को ई-पंजीकरण प्रणाली में अधिकृत उपयोगकर्ता के रूप में शामिल किया जाए। साथ ही उन्हें पोर्टल पर लॉगिन आईडी उपलब्ध कराने, तकनीकी प्रशिक्षण देने और आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देने की भी मांग उठाई गई।हड़ताल के कारण तहसील सदर में रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग दूर-दराज के क्षेत्रों से दस्तावेजों का पंजीकरण कराने पहुंचे थे, लेकिन कार्य न होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ राजस्व कार्य भी प्रभावित हुआ।दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के दस्तावेज लेखक अपने अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे।धरने में एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार त्यागी, सचिव जितेंद्र कुमार गर्ग (पंकज), कोषाध्यक्ष अभिनव प्रकाश मुद्गल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक कुमार माहेश्वरी, उपाध्यक्ष शशिकांत शर्मा, संगठन मंत्री रामकुमार गंगानिया, संयोजक शमीम अहमद, सतीश शर्मा सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक और मुंशी मौजूद रहे।

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