मेरठ में आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे के संचालन पर लगने वाली पाबंदियों को लेकर कारोबारियों ने राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। कारोबारियों का कहना है कि हर वर्ष प्रशासन की ओर से लगाए जाने वाले प्रतिबंधों से उनका काम प्रभावित होता है और हजारों परिवारों की आजीविका पर असर पड़ता है। सांसद ने उनकी बात सुनकर समाधान का भरोसा दिया।सांसद के आवास पर पहुंचे कारोबारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान ध्वनि यंत्रों की ऊंचाई, चौड़ाई, ध्वनि स्तर और संचालन को लेकर कई प्रकार की शर्तें लागू की जाती हैं। उनका कहना था कि कई बार प्रशासनिक सख्ती के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और कामकाज बाधित हो जाता है।कारोबारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा का समय उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण रहता है। इसी अवधि में होने वाली आय से वर्षभर परिवारों का पालन-पोषण होता है। ऐसे में अधिक पाबंदियां उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी कर देती हैं।डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है और इसकी मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी माना कि ध्वनि यंत्रों के व्यवसाय से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी का प्रश्न भी उतना ही अहम है, इसलिए व्यवस्था और रोजगार के बीच संतुलन जरूरी है।सांसद ने कहा कि वह इस विषय को गंभीरता से उठाएंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों राज्यों में एक समान नियम लागू किए जाएं, ताकि हर वर्ष अलग-अलग निर्देशों से बनने वाली भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।बैठक के अंत में कारोबारियों ने सांसद का आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान उनकी समस्याओं का उचित समाधान निकलेगा।