मुजफ्फरनगर। विकास भवन सभागार में आत्मा योजना की गवर्निंग बोर्ड तथा जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने तथा भूमि एवं जल संरक्षण संबंधी कार्यों में तेजी लाने पर विशेष बल दिया गया।बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी तथा मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर देशभूषण कंडारकर ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान कृषि विभाग की ओर से आत्मा योजना, मिलेट्स योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, तिलहन विकास, कृषि यंत्रीकरण, नमामि गंगे, प्राकृतिक खेती, किसान पाठशाला, त्वरित मक्का विकास तथा अन्य योजनाओं के तहत पिछले वर्ष कराए गए कार्यों की समीक्षा प्रस्तुत की गई। साथ ही चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना का अनुमोदन भी किया गया।बैठक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना, खेत तालाब योजना तथा मनरेगा के माध्यम से कराए जाने वाले भूमि एवं जल संरक्षण संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी देते हुए समयबद्ध ढंग से उन्हें पूरा कराने पर जोर दिया।जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कृषि विभाग द्वारा पिछले वर्ष किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए रेसिपी प्रतियोगिताओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों का दायरा बढ़ाया जाए। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों को मोटे अनाज की खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने तथा भूमि एवं जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराने की आवश्यकता बताई।भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि कृषि विभाग को प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिकाधिक किसानों तक इसकी जानकारी पहुंचानी चाहिए, ताकि किसान रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित हों।जिला कृषि अधिकारी ने किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्तीकरण अभियान की जानकारी देते हुए सभी संबंधित विभागों से 23 जुलाई तक पात्र किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने में सहयोग करने का आह्वान किया। बैठक में भाजपा जिला मंत्री जोगेंद्र गुर्जर, उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, कृषि विज्ञान केंद्र बघरा एवं चित्तौड़ा के प्रतिनिधियों सहित कृषि विभाग से जुड़े विभिन्न अधिकारियों ने भाग लिया।