मुजफ्फरनगर। खतौली में एक व्यक्ति के नाम पर कथित रूप से बिना उसकी जानकारी लाखों रुपये का बैंक लोन स्वीकृत करने के मामले में न्यायालय के आदेश पर केनरा बैंक के दो पूर्व शाखा प्रबंधकों और एक बैंक कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।खतौली क्षेत्र के गांव बुआड़ा खुर्द निवासी वेदराम सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में बैंक से नोटिस मिलने पर उन्हें पता चला कि उनके नाम पर पहले से ही लाखों रुपये का लोन चल रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी लोन के लिए आवेदन नहीं किया और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।शिकायतकर्ता के अनुसार जब वह बैंक पहुंचे और लोन से जुड़े कागजात मांगे तो उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कई बार बैंक अधिकारियों और संबंधित विभागों से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं होने पर न्यायालय का सहारा लिया।वेदराम सिंह का आरोप है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर लोन स्वीकृत किया गया। साथ ही बैंक रिकॉर्ड में ऐसे दस्तावेज लगाए गए, जिनका उनसे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खाते में कुछ लेन-देन भी उनकी जानकारी के बिना दिखाए गए।न्यायालय के आदेश पर खतौली पुलिस ने केनरा बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक आदित्य पाठक, तत्कालीन शाखा प्रबंधक निशा और बैंक कर्मचारी शैलेंद्र सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बैंक के रिकॉर्ड, लोन से जुड़े दस्तावेज और हस्ताक्षरों की जांच की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।