मुजफ्फरनगर। जनपद में प्रतिबंधित सिंथेटिक, चीनी एवं शीशा लेपित मांझे के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को सिटी सेंटर स्थित राज्य कर विभाग के सभागार में विभागीय अधिकारियों एवं संबंधित व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापारियों को प्रतिबंधित मांझे से होने वाले जानलेवा हादसों और पशु-पक्षियों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए उच्च न्यायालय के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आह्वान किया गया।बैठक में अधिकारियों ने कहा कि सिंथेटिक, चीनी और शीशा लेपित मांझा मानव जीवन के साथ-साथ पशु-पक्षियों के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे मांझे के निर्माण, भंडारण, बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध लागू है और इसका उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।व्यापारियों से अपील की गई कि वे प्रतिबंधित मांझे का किसी भी स्तर पर कारोबार न करें तथा समाज में भी लोगों को इसके दुष्प्रभावों और कानूनी प्रतिबंध के प्रति जागरूक करें। अधिकारियों ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हुए सभी व्यापारी पूर्ण सहयोग दें, जिससे जनपद में प्रतिबंधित मांझे के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।बैठक के दौरान व्यापारियों ने भी अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित विभिन्न शिकायतों और समस्याओं को सुनकर उनके समाधान का आश्वासन दिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। बैठक में प्रतिबंधित मांझे के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया गया।