मुजफ्फरनगर। लगातार हो रही बारिश के बीच जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शनिवार को दैनिक आपदा रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार जनपद की सभी प्रमुख नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। हालांकि संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर 220.00 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 224.00 मीटर है। इस प्रकार गंगा नदी खतरे के निशान से 4.00 मीटर नीचे बह रही है। हिंडन नदी का जलस्तर 226.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया है, जबकि खतरे का निशान 231.50 मीटर है। हिंडन नदी खतरे के स्तर से 5.00 मीटर नीचे है।इसी प्रकार काली नदी का जलस्तर 235.00 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 239.00 मीटर है। काली नदी खतरे के निशान से 4.00 मीटर नीचे बह रही है। वहीं सोलानी नदी का जलस्तर 226.87 मीटर दर्ज हुआ है, जबकि खतरे का निशान 231.00 मीटर है। सोलानी नदी भी खतरे के स्तर से करीब 4.13 मीटर नीचे बनी हुई है।जिला प्रशासन के अनुसार जनपद के 39 गांवों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जनपद में 10 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं, जहां से लगातार जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल जनपद में बाढ़ के कारण किसी प्रकार की जनहानि, पशुहानि अथवा फसल क्षति नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सतर्क है और किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए हुए है।जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रशासन, संबंधित विभागों तथा राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।