भोपाल/ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑनलाइन क्रिप्टो निवेश का झांसा देकर 21 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर राज्य साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह प्रदेश के बड़े साइबर धोखाधड़ी मामलों में से एक माना जा रहा है। पुलिस ने बैंक खातों के माध्यम से धन के लेनदेन की पड़ताल तेज कर दी है।शिकायत के अनुसार, ग्वालियर निवासी 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से पिछले वर्ष नवंबर के अंतिम सप्ताह में एक महिला ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क किया। उसने अपना नाम दिव्या सिंह बताते हुए स्वयं को क्रिप्टो निवेश विशेषज्ञ बताया और अधिक लाभ का भरोसा देकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद अन्य मोबाइल और विदेशी नंबरों से भी संपर्क कर उन्हें एक कथित ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच का लिंक उपलब्ध कराया गया।पुलिस के अनुसार, एक दिसंबर 2025 से सात जुलाई 2026 के बीच करीब 218 दिनों तक आरोपी लगातार पीड़ित के संपर्क में रहे। शुरुआत में निवेश पर लाभ और कुछ धनराशि वापस मिलने से उनका विश्वास बढ़ गया। इसी दौरान उन्होंने अलग-अलग चरणों में 106 बार लेनदेन करते हुए देश के विभिन्न बैंक खातों में कुल 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये से अधिक की राशि भेज दी।पीड़ित ने बताया कि ऑनलाइन खाते में निवेश की राशि बढ़कर लगभग 33.25 करोड़ रुपये दिखाई जा रही थी। जब उन्होंने धन निकालने का प्रयास किया तो लेनदेन अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने पहले आयकर के नाम पर 10.84 करोड़ रुपये और बाद में अन्य शुल्क व मार्जिन राशि जमा कराने की मांग की। लगातार अतिरिक्त रकम मांगे जाने पर उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।राज्य साइबर सेल ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। जांच में सामने आया है कि पीड़ित द्वारा भेजी गई राशि पहले 25 बैंक खातों में पहुंची और वहां से आगे 306 अन्य खातों में स्थानांतरित कर दी गई। पुलिस विभिन्न बैंकों के सहयोग से खातों को चिह्नित कर उन्हें फ्रीज कराने तथा पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।